मिरगी

डिस्क्रिप्सन

परिभाषा

मिर्गी एक तंत्रिका तंत्र विकार है जिसकी पहचान आवर्ती, अप्रत्याशित दौरों से होती है। एक सीज़र या दौरा, मस्तिष्क कोशिकाओं में एक असामान्य विद्युतीय निर्वहन है जिसके परिणामस्वरूप संवेदी, मोटर या मानसिक कामकाज में अस्थायी रूप से बाधा उत्पन्न होती है। बिना किसी कारण के दौरे के बार-बार पड़ने की घटना को मिर्गी कहा जाता है, न कि दौरे पड़ने की सिर्फ एक घटना को।

प्रभावित मस्तिष्क के विशेष क्षेत्र के आधार पर, एक विशेष प्रकार का दौरा पड़ सकता है। मुख्य रूप से दो प्रकार के दौरे होते हैं: सामान्यीकृत दौरा जो सम्पूर्ण मस्तिष्क को प्रभावित करता है या फोकल या आंशिक दौरा जो मस्तिष्क के सिर्फ एक छोटे से क्षेत्र को प्रभावित करता है। 

कारण और जोखिम कारक

मिर्गी का सटीक कारण ज्ञात नहीं है; हालाँकि, कई जोखिम कारक में इसमें अपनी भूमिका निभाते हैं।
1. आनुवंशिक- रोगी जिनके माता-पिता या भाई-बहन को मिर्गी की बीमारी है।
2. सिर में चोट- सिर में गंभीर रूप से चोट लगने से मिर्गी की बीमारी हो सकती है।
3. इन्फेक्शन- मैनिंजाइटिस, एनसेफलाइटिस और एड्स जैसे इन्फेक्शन के कारण मिर्गी की सम्भावना बढ़ सकती है।
4. चिकित्सीय अवस्था- ब्रेन ट्यूमर, स्ट्रोक, अल्जाइमर या रक्त वाहिनियों के विकारों के कारण मिर्गी की बीमारी हो सकती है।
5. गर्भावस्था के दौरान चिकित्सीय अवस्था- गर्भावस्था के दौरान इन्फेक्शन होने या जन्म के दौरान शिशु को आघात लगने से बच्चे को मिर्गी की बीमारी हो सकती है।

मिर्गी की बीमारी से पीड़ित कुछ लोगों ने देखा है कि कुछ ख़ास तरह के ट्रिगर से मिर्गी के दौरे पड़ सकते हैं जैसे:
1. नींद की कमी
2. बुखार या कोई बीमारी
3. तनाव
4. तेज चमक वाली रौशनी
5. ड्रग्स
6. भोजन फांदना

संकेत और लक्षण

दौरे के प्रकार के आधार पर लक्षण निम्नलिखित रूप में दिखाई दे सकते हैं:
सामान्यीकृत दौरा:
मस्तिष्क के सभी क्षेत्र प्रभावित होते हैं और इन्हें ग्रैंड मल दौरे के नाम से जाना जाता है।
1. बांहों और पैरों का लयबद्ध आन्दोलन।
2. आँखें आम तौर पर खुली रहती हैं।
3. व्यक्ति को देखकर ऐसा लग सकता है मानो वह सांस नहीं ले रहा है।
4. वह धीरे-धीरे वापस होश में आता है।
5. अस्वैच्छिक ढंग से पेशाब निकलने, जीभ काटने और मुंह में झाग आने की घटना घट सकती है।
6. दौरे के बाद उलझन में पड़ना आम बात है।

जांच-पड़ताल  

सीज़र या दौरा एक गंभीर चिकित्सीय अवस्था का एक संकेत है। तुरंत चिकित्सीय सलाह लेने की जरूरत पड़ती है। शारीरिक परीक्षा के साथ एक सम्पूर्ण व्यक्तिगत और पारिवारिक इतिहास लिया जाएगा।
1. किसी इन्फेक्शन, लीवर या किडनी रोग की मौजूदगी का पता लगाने के लिए एक कम्प्लीट ब्लड काउंट और अन्य ब्लड टेस्ट किए जाएंगे। खून में शुगर के स्तर की जांच की जाएगी। 
2. मिर्गी की पहचान करने के लिए इलेक्ट्रोएनसेफलोग्राम (ईईजी) करने की जरूरत पड़ेगी।
3. इमेजिंग टेस्ट जैसे:
a. सीटी स्कैन
b. एमआरआई
c. पीईटी स्कैन

इलाज

इलाज के विकल्पों में शामिल है:
1. मिर्गी-रोधी और दौरा-रोधी दवाइयाँ जैसे फेनाइटोइन, फेनोबार्बिटल
2. वेगस नर्व स्टीमुलेटर- यह एक उपकरण है जिसे तंत्रिकाओं को उत्तेजित करने के लिए छाती की त्वचा के नीचे रखा जाता है। इससे दौरे पड़ने की सम्भावना को कम करने में मदद मिलती है।
3. केटोजेनिक आहार- यह अधिक वासा और कम कार्बोहायड्रेट वाला एक आहार है जिससे दौरों की संख्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
4. सर्जरी- गंभीर मामलों में मस्तिष्क के प्रभावित क्षेत्र को को सर्जरी करके निकालना पड़ सकता है।

जटिलताएं और आपको डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए

1. गर्भावस्था में जटिलताएं
2. दौरा पड़ने के दौरान लगने वाली चोट, जैसे जीभ कटना और गंभीर रूप से खून निकलना।
3. डिप्रेशन और मिजाज बदलना।
4. मिर्गी में अचानक अप्रत्याशित मौत - ऐसा उन लोगों में ज्यादा होता है जो दवा पर प्रतिक्रिया नहीं करते हैं।  

आपको डॉक्टर के पास जरूर जाना चाहिए जब: 
1. पहली बार दौरा पड़ता है।
2. जब दौरा 5 मिनट से ज्यादा समय तक रहता है।
3. सांस लेने में कठिनाई होती है।
4. बेहोशी या उलझन लम्बे समय तक रहती है।
5. दौरे के दौरान चोट लगती है।

रोग की पहचान और रोकथाम

मिर्गी का दृष्टिकोण आम तौर पर कारण पर निर्भर करता है। यदि कारण का पता चल जाता है तो रोग की पहचान ठीक तरह से हो जाती है। ब्रेन ट्यूमर और चिकित्सीय अवस्थाओं से संबंधित दौरों का ख़राब परिणाम निकलता है। 
मिर्गी को रोकने का काम अन्तर्निहित चिकित्सीय अवस्था यानी कारण का इलाज करके किया जाता है। नियमित रूप से निर्धारित आक्षेपरोधी दवा लें। यदि कोई ज्ञात ट्रिगर है तो उससे जितना हो सके उतना परहेज करें। नींद का अभाव और तनाव प्रमुख कारक हैं। पर्याप्त नींद, समय पर और उचित आहार को बढ़ावा देना चाहिए।  
 
 
Content Details
Last updated on:
28 Dec 2016 | 12:02 AM (IST)
editorial-image
Want to know more?
Read Our Editorial Policy

ज़्यादा पूछे जाने वाले प्रश्‍न

अभी उपलब्ध नही है, जल्द ही अपडेट होगा