क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मनेरी डिसऑर्डर (सीओपीडी)

डिस्क्रिप्सन

विवरण
 
चिरकालिक अवरोधक फुफ्फुसीय रोग (सीओपीडी) एक चिरकालिक फेफड़ा विकार है जिसमें फेफड़ों से हवा को बाहर निकालने में कठिनाई (वायु प्रवाह अवरोध) होती है। इस अवरोध के कारण, रोगी को सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है या इस श्वास तनाव के कारण आसानी से थक जाता है। सीओपीडी, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, एम्फीसेमा या दोनों के एक संयोजन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सामान्य शब्द है। 
 
कारण और जोखिम कारक
 
1. सीओपीडी का सबसे आम कारण सिगरेट पीना है। सीओपीडी के 85 से 90 प्रतिशत मामलों में पाया गया है कि रोगी धूम्रपान करता है।
2. पर्यावरणीय कारक: जो लोग धूल, केमिकल या वायु प्रदूषण के संपर्क में ज्यादा रहते हैं उन्हें सीओपीडी होने का ज्यादा खतरा रहता है।
3. आनुवंशिक कारक: एक दुर्लभ प्रकार का सीओपीडी भी होता है जिसे अल्फा-1 डेफिशियेंसी रिलेटेड एम्फीसेमा यानी अल्फा-1 अभाव सम्बन्धी वातस्फीति कहा जाता है, जो ऐसे लोगों में दिखाई देता है जिन्हें विरासत में मिली अवस्था होती है जिसमें फेफड़ों की रक्षा करने वाले अल्फा-1 का उत्पादन प्रभावित होता है।
 
संकेत और लक्षण
 
आरंभिक लक्षण
1. चिरकालिक खांसी
2. आवर्ती श्वसन पथ संक्रमण
3. डिस्पेनिया (सांस की कमी)
4. अत्यधिक बलगम का उत्पादन (बलगम या थूक)
5. घरघराहट की आवाज
 
बाद के लक्षण
1. सांस लेने में कठिनाई होने के कारण थकान
2. सायनोसिस (एक अवस्था जहाँ होंठ, चेहरा, अँगुलियों के पोर नीले होने लगते हैं)
 
जांच-पड़ताल

1. लैब टेस्ट में शामिल है सम्पूर्ण रक्त विश्लेषण, एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट और आर्टेरियल ब्लड गैस टेस्ट किया जा सकता है।
2. इमेजिंग में शामिल है सीओपीडी की पहचान करने के लिए छाती का एक्स-रे आम तौर पर पर्याप्त होता है। हालाँकि, सीटी स्कैन भी किया जा सकता है। 
3. अन्य- पूरी तरह परीक्षा करने और इतिहास लेने के बाद, यदि डॉक्टर को संदेह है कि सीओपीडी है तो स्पिरोमेट्री करवाने का सुझाव दिया जाएगा।  इसमें रोगी को एक मशीन से जुड़े एक माउथपीस के माध्यम से हवा फूंकने के लिए कहा जाता है, जिससे रोग की पहचान की पुष्टि करने में मदद मिलेगी। इस जांच में फेफड़े की सांस लेने, सांस छोड़ने और सांस रोकने की क्षमता का आकलन किया जाता है।  
 
इलाज
 
(a)दवा- धूम्रपान करने वालों में इलाज का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है धूम्रपान बंद करना। आम तौर पर लिखी जाने वाली दवाइयाँ हैं: 
1. ब्रोन्कोडायलेटर्स: वायुमार्ग को चौड़ा करने के लिए
2. सूजन रोधी दवा: वायु मार्गों के सूजन को कम करने के लिए जैसे स्टेरॉयड
3. एंटीबायोटिक्स: फेफड़ों के इन्फेक्शन, यदि कोई हो, का इलाज करने के लिए  
4. यदि खून में ऑक्सीजन का स्तर नीचे है तो ऑक्सीजन का सहारा देने की जरूरत है
 
लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए रोगी को दिए गए सुझाव के अनुसार नियमित रूप से निर्धारित श्वसन दवा लेनी चाहिए। 
(b) सर्जरी- गंभीर मामलों में फेफड़ा आयतन कटौती सर्जरी या फेफड़े का ट्रांसप्लांटेशन जैसी सर्जरी करवाने की सलाह दी जाएगी। 
(c) अन्य- फेफड़े की क्षमता में सुधार लाने में मदद करने के लिए फेफड़े का व्यायाम करना चाहिए।
 
जटिलताएं और आपको डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए
 
1. हृदय और श्वसन तंत्र में कई बदलाव, जो छाती के एक्स-रे और खून की जांच में, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) से स्पष्ट हो जाता है। (जैसे कोरपल्मोनेल, सही अक्ष विचलन, फेफड़ों की धमनियों में बढ़ा हुआ रक्त दाब, फेफड़ों पर दाग-धब्बे, इत्यादि)
2. क्रोनिक हाइपोक्सिया (एक अवस्था जहाँ शरीर में प्रवेश करने वाला ऑक्सीजन अपर्याप्त होता है) जो जानलेवा हो सकता है।
3. बहुत लम्बे समय से बहुत ज्यादा बलगम के साथ खांसी होना, सांस फूलना और थकान या लक्षण जो पीछे नहीं हट्टे हैं, उनसे इस बात का संकेत मिलता है कि व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है। यह सलाह दी जा सकती है कि लक्षणों के बद से बदतर होने का या या सायनोसिस के चरण में जाने का इंतजार नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से व्यक्ति के पास मौजूद इलाज कराने का बहुमूल्य समय हाथ से निकल सकता है और वायुमार्ग की क्षति अधिक अपरिवर्तनीय हो जाएगी।
 
रोग की पहचान और रोकथाम
 
सीओपीडी को अक्सर रोका और ठीक किया जा सकता है। सही दवा, जीवन शैली में परिवर्तन और नियमित रूप से आगे की कार्यवाही करने से आम तौर पर बेहतरीन तरीके से रोग की पहचान हो जाती है। इसलिए, धूम्रपान रोकने, कारण के संपर्क में जाने से बचने और नियमित रूप से दवा लेते रहने जैसे निवारक उपाय करना एक सामान्य जीवन जीने के लिए रोगियों के लिए जरूरी है। 
 
क्या आपको पता था?

1. डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि विश्व में 64 मिलियन से ज्यादा लोग सीओपीडी से पीड़ित हैं।
2. अनुमानों से पता चलता है कि 2030 में सीओपीडी दुनिया भर में मौत का तीसरा प्रमुख कारण बन जाएगा।
 
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Last updated on:
28 Dec 2016 | 12:02 AM (IST)
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