सर्दियों में ये 10 फूड्स आपके पेट का रखेंगे बेहतर ख्याल

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सर्दियों में ज्यादा कम्फर्ट फूड खाना, फिजिकल एक्टिविटी कम होना और अनियमित भोजन करने की आदत आंतों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। ठंड के मौसम में कई लोगों को पेट फूलने, कब्ज, एसिडिटी और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याएं महसूस होती हैं। जिसकी एक बड़ी वजह आँतों से जुड़ी समस्याएं होती हैं।

आपकी आंतों में अरबों तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जिनमें कुछ अच्छे और कुछ हानिकारक होते हैं। आंतों में अच्छे बैक्टीरिया यानी प्रोबायोटिक्स का होना बेहद जरूरी है, क्योंकि ये पाचन, इम्युन सिस्टम, मूड, मेटाबॉलिज्म और यहां तक कि स्किन हेल्थ को भी सपोर्ट करते हैं। प्रोबायोटिक्स को पनपने के लिए प्रीबायोटिक फूड्स की जरूरत होती है, जो कुछ खास तरह के फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

टाटा 1mg की न्यूट्रिशनिस्ट ममता शर्मा के अनुसार,

“सर्दियों में पाचन प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है। ऐसे में गट-फ्रेंडली फूड्स को डाइट में शामिल करने से आंतों के माइक्रोबायोटा का संतुलन बना रहता है और सूजन कम करने में मदद मिलती है।”

आइए जानते हैं सर्दियों के ऐसे 10 बेहतरीन फूड्स (Foods for gut health in winter in hindi) के बारे में, जो आपकी आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देते हैं और आपको अंदर से स्वस्थ रखते हैं।

1. गुड़

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गुड़ लंबे समय से भारतीय घरों में सर्दियों का अहम हिस्सा रहा है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे प्राकृतिक मिनरल्स होते हैं और यह एक हल्के प्रीबायोटिक की तरह काम करता है।

गुड़ का सेवन आप उबालकर चाय में, भोजन के बाद छोटे टुकड़ों के रूप में खाने में या तिल के साथ मिलाकर कर सकते हैं।

ध्यान रखें कि गुड़ भी शुगर का ही एक रूप है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करें, खासकर डायबिटीज के मरीज। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेकर मोंक फ्रूट स्वीटनर जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं।

ममता शर्मा के अनुसार,

“सर्दियों में रिफाइंड शुगर की जगह गुड़ का इस्तेमाल करने से हेल्दी गट-बैक्टीरिया को सपोर्ट मिलता है और पाचन तेज होता है।”

2. घर की बनी दही

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दही में प्राकृतिक रूप से मौजूद प्रोबायोटिक बैक्टीरिया आंतों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। सर्दियों में जब पाचन कमजोर हो जाता है, तब दही का महत्व और बढ़ जाता है।

दही खाने के सही तरीके

-दही को हमेशा नॉर्मल टेम्प्रेचर पर खाएं

-रात में या देर शाम दही न खाएं

-दही में भुना हुआ जीरा या काली मिर्च मिलाकर खाएं

नोट

अगर सर्दियों में आपको दही खाने से बलगम बढ़ता है, गले में खराश, सर्दी या खांसी की समस्या होती है, तो दही का सेवन रात में न करें।

3. फर्मेंटेड फूड्स: इडली, डोसा बैटर और कांजी

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फर्मेंटेड फूड्स प्रोबायोटिक्स का प्राकृतिक स्रोत होते हैं। ये आंतों में बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं और पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाते हैं।

सर्दियों में ये फर्मेंटेड चीजें फायदेमंद होती हैं:

-चावल की कांजी

-फर्मेंट किया हुआ इडली या डोसा बैटर

-फर्मेंटेड सब्जियों के अचार जैसे चुकंदर, मूली, गाजर, (इन्हें कम मात्रा में ही खाएं)

ममता शर्मा बताती हैं,

“फर्मेंटेड फूड्स तनाव, दवाइयों या खराब पाचन के कारण खत्म हुए अच्छे बैक्टीरिया को दोबारा बढ़ाने में मदद करते हैं।”

4. लहसुन

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लहसुन एक बेहतरीन प्रीबायोटिक है और हेल्दी गट-बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं, लेकिन फायदेमंद बैक्टीरिया को नुकसान नहीं पहुंचाते।

लहसुन पाचन एंजाइम्स के रिलीज को बढ़ाता है, मल त्याग को बेहतर बनाता है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या भी बढ़ाता है।

लहसुन का इस्तेमाल कैसे करें?

लहसुन को घी में हल्का भूनकर दाल और सब्जियों में डालें। अगर आपका पाचन सेंसिटिव है, तो कच्चा लहसुन न खाएं।

5. मौसमी हरी सब्जियां: पालक, बथुआ, मेथी

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सर्दियों की हरी सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स एवं पॉलीफेनॉल्स भी पाए जाते हैं। ये आंतों के बैक्टीरिया को पोषण देते हैं और शरीर में सूजन कम करते हैं। बथुआ सर्दियों की सबसे फायदेमंद सब्जियों में से एक है।

इन सब्जियों में मौजूद फाइबर शरीर में शॉर्ट-चेन फैटी एसिड में बदल जाता है, जो आंतों की परत को मजबूत करता है।

6.ओट्स

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ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक सॉल्युबल फाइबर होता है, जो अच्छे गट-बैक्टीरिया को बढ़ाता है और मल को भारी बनाता है। सर्दियों में जब शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, तब ओट्स ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी मदद करते हैं।

ओट्स का सेवन कैसे करें?

ओट्स को गर्म दलिया के रूप में, नट्स के साथ, खिचड़ी की तरह, नमकीन बनाकर या दालचीनी डालकर खाया जा सकता है।

7. केले (हल्के पके हुए)

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थोड़ा कच्चा या हल्का पका केला पाचन तंत्र के लिए हल्का होता है। साथ ही इसमें रेसिस्टेंट स्टार्च भी होता है, जो अच्छे बैक्टीरिया को ऊर्जा देता है। इसके अलावा यह सर्दियों में होने वाली कब्ज और एसिडिटी को भी कम करता है।

ममता शर्मा के अनुसार,

“हल्का पका केला गट-हेल्थ के लिए सबसे अच्छा होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या रहती है।

8. शकरकंद

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शकरकंद में सॉल्युबल और रेसिस्टेंट दोनों तरह के फाइबर होते हैं और यह सर्दियों में लंबे समय तक ऊर्जा देता है।

शकरकंद का सेवन कैसे करें?

शकरकंद को उबालकर, भूनकर, सलाद में, चाट के रूप में, सूप या सब्जी में इस्तेमाल करें। डीप फ्राई करने की बजाय बेक या स्टीम किया हुआ शकरकंद आंतों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।

9. नट्स और सीड्स (बादाम, अखरोट, अलसी)

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ये हेल्दी फैट्स और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो आँतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। बादाम लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, अलसी आँतों में मूवमेंट बढ़ाती है और अखरोट गट-माइक्रोब्स की ग्रोथ को सपोर्ट करते हैं।

रोजाना कितनी मात्रा लें?

-बादाम: 5 से 8 भीगे हुए बादाम

-अलसी: 1 से 2 चम्मच पिसी हुई अलसी

-अखरोट: 1 से 2 अखरोट

नट्स और सीड्स को रातभर भिगोकर या हल्का भूनकर खाने से पाचन और पोषण दोनों बेहतर होते हैं।

10. अदरक

Ginger

अदरक को चाय में, भोजन के बाद छोटे टुकड़ों में या सब्जियों में डालकर खाया जा सकता है। यह पाचन में मदद करता है, गैस और पेट फूलने की समस्या कम करता है और गट बैक्टीरिया के लिए अनुकूल माहौल बनाता है। इसमें सूजन कम करने वाले गुण भी होते हैं, जो सर्दियों में पाचन को बेहतर बनाते हैं।

निष्कर्ष

अगर आप सर्दियों में  अपने पेट को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक और नॉन-स्टीमुलेंट फूड्स को प्राथमिकता दें। इससे पाचन सुधरता है, इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर में एक सकारात्मक बदलाव महसूस होता है।

इन फूड्स (Foods for gut health in winter in hindi) को नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करें, सोच-समझ कर खाएं और सीमित मात्रा में सेवन करें। साथ ही सर्दियों में बहुत ज्यादा मसालेदार एवं तला-भुना खाने से बचें, क्योंकि इससे एसिडिटी, पेट फूलने की समस्या और पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1 सर्दियों में पाचन कमजोर क्यों हो जाता है?

ठंड में फिजिकल एक्टिविटी और शरीर का तापमान कम हो जाता है, जिससे पाचन एंजाइम्स का स्राव और आँतों का मूवमेंट भी धीमा हो जाता है।

Q2 क्या प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स, फूड्स से बेहतर होते हैं?

प्रोबायोटिक फूड्स, सप्लीमेंट्स की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और लंबे समय तक असरदार होते हैं। सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें।

Q3 क्या आईबीएस (IBS) से पीड़ित लोग फर्मेंटेड फूड्स खा सकते हैं?

कुछ लोगों का शरीर इन्हें सहन कर पाता है और कुछ लोगों का नहीं। अगर आपको IBS की समस्या है तो बहुत कम मात्रा से शुरुआत करें और डॉक्टर से सलाह लें।

Q4 क्या सर्दियों में रोज दही खाना सुरक्षित है?

हां, अगर आप दही दिन में और नॉर्मल टेम्प्रेचर पर रखी हुई खाते हैं।

Q5 क्या गुड़ खाने से ब्लड शुगर बढ़ती है?

गुड़ शुगर बेस्ड होता है, इसलिए सीमित मात्रा में सेवन करें। डायबिटीज में डॉक्टर से सलाह लेकर सुरक्षित विकल्प अपनाएं।

Q6 गट-हेल्थ में सुधार कितने समय में दिखता है?

लगातार सही डाइट अपनाने पर 2 से 4 हफ्तों में सुधार दिख सकता है।

Q6 क्या ये सर्दियों के गट-फ्रेंडली फूड्स बच्चों के लिए सही हैं?

हां, उम्र और बच्चों के शारीरिक विकास के अनुसार ज्यादातर फूड्स बच्चों को दिए जा सकते हैं।

Q7 क्या बच्चों की गट-हेल्थ के लिए और भी फूड्स हैं?

बच्चों की डाइट में रागी या चौलाई का दलिया शामिल किया जा सकता है। ये फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो पाचन और गट-हेल्थ को सपोर्ट करते हैं।

(इस लेख की समीक्षा डॉ. स्वाति मिश्रा, मेडिकल एडिटर ने की है)

Image Source: Freepik

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